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समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने पर ही योजनाओं का लक्ष्य होगा सफल-अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद छ. ग. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद ने जिले में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाति प्रमाण पत्रों के त्वरित निराकरण पर हो जोर, आवेदकों को न हो परेशानी किसानों को उद्यानिकी फसलों से जोड़ने व मछुआ समितियों को सक्रिय करने के दिए निर्देश कवर्धा, 14 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला प्रशासन के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा की। बैठक में आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांति वर्मा, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा व सचिव श्री संकल्प साहू शामिल हुए। अध्यक्ष श्री निषाद ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की जनहितैषी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब इनका सफल और प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर तक होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था निरंतर प्रगति के नए सोपान तय कर रही है। आज हम दस वर्षों के भीतर पूरे विश्व में नौंवे से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में सफल हुए हैं। विकसित भारत के संकल्प के साथ हम कार्य कर रहे हैं। जिसमें गरीब, युवा, नारी शक्ति और किसानों में आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष फोकस है। इनके विकास पर केंद्रित योजनाओं और नीतियों का निर्माण और निष्पादन किया जा रहा है। ताकि आर्थिक विकास को और रफ्तार दी जा सके। अध्यक्ष श्री निषाद ने बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग, मछली एवं पशुपालन विभाग के योजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने जाति प्रमाण पत्र निर्माण के बारे में राजस्व अधिकारियों से जानकारी लेते हुए कहा कि आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र बनाने में कठिनाई नहीं होनी चाहिए। यदि दस्तावेजों में कमी या तकनीकी दिक्कत है तो आवेदकों को उसकी सूचना कर प्रमाण पत्र बनवाएं जाएं। अध्यक्ष श्री निषाद ने जिले सहकारिता से दुग्ध उत्पादन की संभावनाओं के विस्तार पर भी पशु पालन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिले के पशुपालकों के लिए एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जाए जिससे वे सहकारिता के साथ-साथ डेयरी उत्पादन से व्यापक स्तर पर जुड़ सकें। यह किसानों और पशुपालकों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया बनेगा। उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांति वर्मा ने कहा कि जिले में विभागीय योजनाओं की प्रगति को बेहतर बनाने के लिए विभाग प्रमुख अपने अमले के कामों की नियमित मॉनिटरिंग करें। हमें लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए कार्य कारण है। यह तभी संभव होगा जब योजनाओं का लाभ लक्षित हितग्राहियों को मिले। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि जिले में शासन के मंशानुरूप जिले में हितग्राहियों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के साथ किसानों के आय संवर्धन के लिए कार्य किया जा रहा है। शासन के फ्लैगशिप योजनाओं के साथ अद्योसंचरना विकास के कार्यो को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। बैठक में अपर कलेक्टर श्री नरेंद्र पैकरा, श्री विनय पोयाम, डिप्टी कलेक्टर आर.बी. देवांगन, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग श्री एलपी पटेल, सर्व एसडीएम सहित जिले के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मछली पालन हेतु समितियों को करें सक्रिय पिछड़ वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री निषाद ने मत्स्य विभाग के तहत योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने जिले गठित मछुआ समितियों के द्वारा किए जा रहे मछली पालन कार्यों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी समितियों को सक्रिय करें। केंद्र और राज्य सरकार मछली पलकों के आय संवर्धन के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। केंद्र सरकार की इन योजनाओं का लाभ ज्यादातर दूसरे प्रदेश के लोग ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ में मछली उत्पादन के लिए प्रचुर संभावनाएं हैं, ऐसे में हमारा प्रयास हो कि समितियों को सक्रिय करते हुए स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक संख्या में इन योजनाओं से जोड़ा जा सके। जिससे समितियों की आर्थिक स्थिति उन्नत होने के साथ अर्थव्यवस्था में योगदान को बढ़ाया जा सके। वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ उद्यानिकी फसल लेने किसानों को करें प्रोत्साहित अध्यक्ष श्री निषाद ने किसानों को परंपरागत कृषि के साथ ही जिले में उद्यानिकी और व्यवसायिक कृषि को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए विभाग द्वारा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किसानों के मार्गदर्शन को आवश्यक बताते हुए कहा कि जिले में मिट्टी का प्रकार और जलवायु के अनुसार कौन सी फसल किसानों के लिए फायदेमंद होगी इस पर कार्ययोजना तैयार करते हुए किसानों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए।

समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने पर ही योजनाओं का लक्ष्य होगा सफल-अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद

 

छ. ग. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद ने जिले में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

 

जाति प्रमाण पत्रों के त्वरित निराकरण पर हो जोर, आवेदकों को न हो परेशानी

 

किसानों को उद्यानिकी फसलों से जोड़ने व मछुआ समितियों को सक्रिय करने के दिए निर्देश

 

कवर्धा, 14 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला प्रशासन के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा की। बैठक में आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांति वर्मा, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा व सचिव श्री संकल्प साहू शामिल हुए।

अध्यक्ष श्री निषाद ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की जनहितैषी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब इनका सफल और प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर तक होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था निरंतर प्रगति के नए सोपान तय कर रही है। आज हम दस वर्षों के भीतर पूरे विश्व में नौंवे से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में सफल हुए हैं। विकसित भारत के संकल्प के साथ हम कार्य कर रहे हैं। जिसमें गरीब, युवा, नारी शक्ति और किसानों में आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष फोकस है। इनके विकास पर केंद्रित योजनाओं और नीतियों का निर्माण और निष्पादन किया जा रहा है। ताकि आर्थिक विकास को और रफ्तार दी जा सके।

अध्यक्ष श्री निषाद ने बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग, मछली एवं पशुपालन विभाग के योजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने जाति प्रमाण पत्र निर्माण के बारे में राजस्व अधिकारियों से जानकारी लेते हुए कहा कि आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र बनाने में कठिनाई नहीं होनी चाहिए। यदि दस्तावेजों में कमी या तकनीकी दिक्कत है तो आवेदकों को उसकी सूचना कर प्रमाण पत्र बनवाएं जाएं। अध्यक्ष श्री निषाद ने जिले सहकारिता से दुग्ध उत्पादन की संभावनाओं के विस्तार पर भी पशु पालन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिले के पशुपालकों के लिए एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जाए जिससे वे सहकारिता के साथ-साथ डेयरी उत्पादन से व्यापक स्तर पर जुड़ सकें। यह किसानों और पशुपालकों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया बनेगा।

उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांति वर्मा ने कहा कि जिले में विभागीय योजनाओं की प्रगति को बेहतर बनाने के लिए विभाग प्रमुख अपने अमले के कामों की नियमित मॉनिटरिंग करें। हमें लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए कार्य कारण है। यह तभी संभव होगा जब योजनाओं का लाभ लक्षित हितग्राहियों को मिले। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि जिले में शासन के मंशानुरूप जिले में हितग्राहियों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के साथ किसानों के आय संवर्धन के लिए कार्य किया जा रहा है। शासन के फ्लैगशिप योजनाओं के साथ अद्योसंचरना विकास के कार्यो को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। बैठक में अपर कलेक्टर श्री नरेंद्र पैकरा, श्री विनय पोयाम, डिप्टी कलेक्टर आर.बी. देवांगन, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग श्री एलपी पटेल, सर्व एसडीएम सहित जिले के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

मछली पालन हेतु समितियों को करें सक्रिय

 

पिछड़ वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री निषाद ने मत्स्य विभाग के तहत योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने जिले गठित मछुआ समितियों के द्वारा किए जा रहे मछली पालन कार्यों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी समितियों को सक्रिय करें। केंद्र और राज्य सरकार मछली पलकों के आय संवर्धन के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। केंद्र सरकार की इन योजनाओं का लाभ ज्यादातर दूसरे प्रदेश के लोग ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ में मछली उत्पादन के लिए प्रचुर संभावनाएं हैं, ऐसे में हमारा प्रयास हो कि समितियों को सक्रिय करते हुए स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक संख्या में इन योजनाओं से जोड़ा जा सके। जिससे समितियों की आर्थिक स्थिति उन्नत होने के साथ अर्थव्यवस्था में योगदान को बढ़ाया जा सके।

 

वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ उद्यानिकी फसल लेने किसानों को करें प्रोत्साहित

 

अध्यक्ष श्री निषाद ने किसानों को परंपरागत कृषि के साथ ही जिले में उद्यानिकी और व्यवसायिक कृषि को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए विभाग द्वारा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किसानों के मार्गदर्शन को आवश्यक बताते हुए कहा कि जिले में मिट्टी का प्रकार और जलवायु के अनुसार कौन सी फसल किसानों के लिए फायदेमंद होगी इस पर कार्ययोजना तैयार करते हुए किसानों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए।

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आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जिले के 275 ग्रामों का विकास विजन, विशेष ग्राम सभाओं में हुआ पारित आदि कर्मयोगी अभियान के राज्य नोडल अधिकारी श्री एम. राज मुरूगन पहुँचे कबीरधाम, ग्रामीणों से किया सीधा संवाद गांधी-शास्त्री जयंती पर वनांचल के ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएँ, ग्रामीणों की आकांक्षाओं से तय होगा विजन-2030 वनांचल में जमीन पर बैठकर हुई ऐतिहासिक ग्राम सभा, ग्रामीणों की मांगें अब सीधे बनेंगी विकास योजना का हिस्सा कवर्धा, 3 अक्टूबर 2025। भारत सरकार का महत्वाकांक्षी आदि कर्मयोगी अभियान के तहत कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम पंचायत तितरी, बरेन्डा और खारा में गांधी जयंती 2 अक्टूबर को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं के साथ नई दिशा में आगे बढ़ा। इन ग्राम पंचायत के ग्राम सभा मे भारत सरकार द्वारा नियुक्त छत्तीसगढ़ राज्य नोडल अधिकारी, वरिष्ठ आईपीएस एवं भारत सरकार के ट्राईफेड के प्रबंध संचालक श्री एम. राज मुरूगन विशेष रूप से कबीरधाम पहुंचे। विभिन्न ग्राम सभा में शामिल हुए और वर्ष 2030 तक के ग्राम विकास के कार्यो को आगे बढ़ाया। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने भारत सरकार द्वारा आदि कर्मयोगी योजना के लिए नियुक्त छत्तीसगढ़ राज्य के नोडल अधिकारी एवं भारत भारत सरकार के वरिष्ठ अफसर श्री एम.राज.मुरुगन से कवर्धा में मुलाकात कर स्वागत किया और आदि कर्मयोगी अभियान एवं योजना के प्रगति की विस्तृत जानकारियां दी। आदि कर्मयोगी अभियान के राज्य नोडल अधिकारी श्री मुरुगन ने जिले के बोड़ला विकासखण्ड के ग्राम पंचायत तितरी,ग्राम पंचायत बरेंडा और ग्राम पंचायत खारा में आयोजित ग्राम सभा मे ग्राम विकास के लिए प्रस्ताविक कार्ययोजना का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ भारत सरकार से जिले के लिए नियुक्त श्रीमती विजय लक्ष्मी तारा, जिला पंचायत सीईओ श्री अजय त्रिपाठी, आदिम जाति विकास विभाग से सहायक आयुक्त श्री एल.पी. पटेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आयोजित इन सभाओं की शुरुआत दोनों महान विभूतियों के तैलय चित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। भारत सरकार द्वारा नियुक्त छत्तीसगढ़ राज्य नोडल अधिकारी, वरिष्ठ आईपीएस अफसर श्री एम. राज मुरूगन सहित सभी अधिकरियो ने ग्राम सभाओं में अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर चौपाल का रूप दिया और सीधे संवाद किया। ग्रामीणों ने गांव की समस्याओं और आकांक्षाओं को सामने रखा,जिनमें स्वच्छ पेयजल, पक्की सड़क, प्राथमिक विद्यालयों की बेहतर व्यवस्था, 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं, महतारी सदन निर्माण, सामुदायिक वन संसाधन पत्र, नदी पर पुल निर्माण, निर्बाध बिजली और नए ट्रांसफार्मर लगाने की मांग प्रमुख रही। राज्य नोडल अधिकारी श्री मुरूगन ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य है कि गांव की जरूरतें अब गांव वाले खुद तय करें। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत ग्राम विजन योजना 2030 तैयार की जा रही है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, आधारभूत ढांचा और परंपराओं के संरक्षण जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की आकांक्षाओं को इस विजन योजना में जोड़ा जाएगा, ताकि गांव आत्मनिर्भर और विकसित बन सकें। उन्होंने आगे बताया कि अभियान में केंद्र सरकार के 17 मंत्रालयों की 25 गतिविधियाँ सम्मिलित हैं। कबीरधाम जिले के 275 गांव इस योजना में शामिल किए गए हैं—जिनमें बोड़ला के 226, पंडरिया के 41, सहसपुर-लोहारा के 7 और कवर्धा ब्लॉक का 1 ग्राम है। जिला पंचायत सीईओ श्री अजय त्रिपाठी ने कहा कि यह अभियान तीन स्तंभों पर आधारित है आदि कर्मयोगी, अधिकारी जो योजनाओं का अभिसरण और उत्तरदायी वितरण सुनिश्चित करते हैं। आदि सहयोगी, शिक्षक, डॉक्टर, युवा और शिक्षित आदिवासी, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और नवाचार तक पहुंच बनाते हैं और आदि साथी स्वयं सहायता समूह, ग्रामीण, जनजातीय बुजुर्ग और सामुदायिक सूत्रधार, जो परंपराओं और स्थानीय ज्ञान को संरक्षित कर समाज को मजबूत करते हैं। गांधी-शास्त्री जयंती पर आयोजित इन विशेष ग्राम सभाओं ने न केवल ग्रामीणों को अपनी बात सीधे रखने का अवसर दिया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि उनकी समस्याएं और आकांक्षाएं अब भविष्य की योजनाओं का हिस्सा बनेंगी। संबन्धित ग्राम पंचायतों के पंच, सरपंच, ग्रामीणजन, वरिष्ठ जन और भारी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहे। समाचार क्रमांक-1097 /गुलाब डड़सेना फ़ोटो

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